Rpe
RPE
वेग-आधारित प्रशिक्षण और दीर्घायु-संबंधी परिणाम
वृद्ध वयस्कों के कई छोटे परीक्षणों से पता चलता है कि हाँ, ऐसा हो सकता है। धीमी चाल वाले बहुत वृद्ध वयस्कों (औसत आयु ~82) के एक 12-सप्ताह के अध्ययन...
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RPE का पूरा नाम है ‘‘Rate of Perceived Exertion’’ यानी किसी व्यायाम के दौरान व्यक्ति द्वारा महसूस किया गया परिश्रम या मेहनत का स्तर। यह एक स्वाभाविक, आत्म-रिपोर्टेड स्केल है जिसमें व्यक्ति अपने सांस लेने, मांसपेशियों की थकान और समग्र मेहनत के आधार पर एक संख्या बताता है। आम तौर पर दो लोकप्रिय तरीके होते हैं: एक 6-20 का ओरिजनल स्केल और एक साधारण 0-10 का संशोधित स्केल, लेकिन मुख्य विचार यही है कि व्यक्ति किस हद तक कष्ट या प्रयास महसूस कर रहा है। यह उपयोगी इसलिए है क्योंकि यह दिल की धड़कन या ब्लड प्रेशर जैसे तकनीकी संकेतक न होने पर भी व्यायाम की तीव्रता को नियंत्रित करने में मदद करता है। विशेषकर वरिष्ठ लोगों, दवाइयों के प्रभाव में रहने वाले या पुनर्वास में लगे मरीजों के लिए RPE बहुत काम का औज़ार है क्योंकि यह व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित होता है। इसे नियमित रूप से उपयोग करने से कोई व्यक्ति अपने व्यायाम को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से समायोजित कर सकता है, अधिक थकान या ओवरएक्सर्टन से बच सकता है और समय के साथ सुधार को ट्रैक कर सकता है। सरल भाषा में, यह एक सस्ता, त्वरित और भरोसेमंद तरीका है अपनी मेहनत का आत्म-मूल्यांकन करने का।
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