पकड़ की ताकत
पकड़ की ताकत
पकड़ की ताकत एक उत्तरजीविता बायोमार्कर के रूप में: क्या प्रशिक्षण इस अंतर को पाट सकता है?
उदाहरण के लिए, दुनिया भर में बुजुर्ग वयस्कों पर किए गए एक बड़े अध्ययन में एक स्पष्ट पैटर्न पाया गया: अधिक पकड़ की ताकत का मतलब मृत्यु का कम जोखिम है।...
पकड़ की ताकत
पकड़ की ताकत का मतलब हाथ और कलाई की मांसपेशियों द्वारा पैदा की जाने वाली शक्ति है। इसे अक्सर एक छोटे डिवाइस से मापा जाता है जिसे डायनामोमीटर कहते हैं, जो यह बताता है कि कोई व्यक्ति कितनी मजबूती से किसी वस्तु को पकड़ सकता है। यह सिर्फ हाथ की ताकत नहीं, बल्कि पूरे शरीर की सामान्य शारीरिक क्षमता का अच्छा संकेत देती है। कमजोर पकड़ चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने और रोजमर्रा के कामों में कठिनाई से जुड़ी होती है। इसलिए यह किसी की स्वतंत्रता और दैनिक गतिविधियों पर असर डाल सकती है। पकड़ की ताकत उम्र बढ़ने के साथ कम होने लगती है और यह बुजुर्गों में गिरने और बेबसी के जोखिम का संकेत दे सकती है। यह एक सस्ता, तेज और आसान परीक्षण है इसलिए क्लिनिक और शोध दोनों जगह इसमें रुचि रहती है। पकड़ मजबूत करने के व्यायाम, प्रोटीन युक्त आहार और समग्र शारीरिक सक्रियता से सुधार हो सकता है। हालांकि यह कई चीजों से प्रभावित होती है, जैसे लिंग, ऊंचाई, गठिया या प्रेरणा, फिर भी सामान्य स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने में इसकी उपयोगिता उच्च है। इसलिए पकड़ की ताकत को समझना और समय-समय पर मापना व्यक्तिगत स्वास्थ्य और देखभाल की योजना बनाने में सहायक होता है।
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